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महतारी वंदन से विमला बाई के हुनर को मिला सहारा, मिट्टी के दीयों से रोशन होंगी दीपावली की खुशियां….

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके पारंपरिक व्यवसाय और आजीविका को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड निवासी श्रीमती विमला बाई के लिए भी यह योजना आत्मनिर्भरता की राह में सहायक बनी है। मिट्टी के दीये, मटके और सुराही बनाकर परिवार की आजीविका में योगदान देने वाली विमला बाई को महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त मिलने से दीपावली की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग वे अपने पारंपरिक व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में कर रही हैं।

मिट्टी के दीये बनाकर रोशन कर रहीं घर, योजना से मिला आर्थिक संबल

ग्राम चनवारीडांड निवासी विमला बाई वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने के पारंपरिक कार्य से जुड़ी हैं। वे अपने हुनर से मिट्टी के दीये, मटके, सुराही सहित विभिन्न उपयोगी बर्तन तैयार करती हैं और उन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर आमदनी अर्जित करती हैं। इस व्यवसाय में मिट्टी और बर्तनों को पकाने के लिए लकड़ी की नियमित आवश्यकता होती है। ऐसे में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

विमला बाई बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से वे मिट्टी और लकड़ी खरीदती हैं, जिससे उन्हें अपना काम जारी रखने में सहायता मिलती है। पहले व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नियमित सहायता मिलने से कामकाज की जरूरतें पूरी करने में सुविधा हो रही है। मिट्टी के बर्तनों की बिक्री से होने वाली आय परिवार के दैनिक खर्चों में भी मददगार बन रही है।

दीपावली से पहले मिली राशि ने बढ़ाया उत्साह

महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त प्राप्त होने से विमला बाई के परिवार में खुशी का माहौल है। दीपावली पर्व के अवसर पर मिट्टी के दीयों की विशेष मांग रहती है। ऐसे में यह त्योहार उनके लिए पारंपरिक व्यवसाय के साथ अतिरिक्त आमदनी का अवसर भी लेकर आता है। विमला बाई ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे दीपावली की तैयारियों और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में करेंगी। त्योहार के समय मिली इस आर्थिक सहायता से उन्हें काफी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

विमला बाई ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए बड़ा सहारा है। इससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ छोटे व्यवसाय और पारंपरिक कार्यों को भी आगे बढ़ा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना की राशि से उन्हें मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में मदद मिल रही है, जिससे उनका रोजगार निरंतर जारी है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। विमला बाई की कहानी इसका उदाहरण है कि शासन की छोटी-छोटी आर्थिक सहायता भी महिलाओं के पारंपरिक हुनर को संबल देकर उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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