छत्तीसगढ

Women for Trees : अमृत मिशन के अंतर्गत महिलाओं की भागीदारी से हरियाली और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

रायपुर, 04 दिसंबर। Women for Trees : केंद्र सरकार के अमृत मिशन के तहत संचालित महत्वाकांक्षी पहल ‘वुमेन फॉर ट्री’ छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल बनकर सामने आ रही है। बालोद जिले में इस योजना का सफल क्रियान्वयन राज्यभर में महिला शक्ति की भागीदारी से हरियाली एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

योजना के अंतर्गत बालोद जिले के 08 नगरीय निकायों में अब तक 6,950 पेड़ लगाए जा चुके हैं। वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है। इस प्रत्यक्ष भागीदारी ने पौधों के संरक्षण दर में उल्लेखनीय वृद्धि की है और स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।

अमृत मिशन के अंतर्गत महिलाओं की भागीदारी से हरियाली और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’वुमेन फॉर ट्री’ योजना के तहत 66 महिलाओं को नियमित कार्य प्रदान किया गया है। प्रत्येक महिला कार्यकर्ता को प्रति माह 8,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इन महिलाओं को कार्य के लिए आवश्यक सामग्री जैसे—साड़ी, जैकेट, जूते और संपूर्ण टूलकिट (फावड़ा, कुदाली, बेलचा, धमेला) भी उपलब्ध कराई गई है। कई महिलाओं ने बताया कि इस आय से वे अपने बच्चों की शिक्षा और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं।

जिला प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में वृक्षारोपण के क्षेत्र को और विस्तृत किया जाएगा तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ कर नए रोजगार अवसर विकसित किए जाएंगे। पौधों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण व मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

Women for Trees : अमृत मिशन के अंतर्गत महिलाओं की भागीदारी से हरियाली और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मोबिन अली ने बताया कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को गति दे रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम भी बन रही है। उन्होंने कहा कि बालोद को हरियाली और स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल जिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सहयोग कर जल संरचना को सुदृढ़ बनाने की अपील की। जिला प्रशासन ने प्रदेश के सभी नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से ’वुमेन फॉर ट्री’ अभियान से जुड़कर हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।

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