छत्तीसगढ

Shardiya Navratri : नवरात्रि और मूर्ति विसर्जन को लेकर कलेक्टर ने जारी की गाइडलाइन…! पंडाल-साउंड सहित इन चीजों पर सख्ती

अम्बिकापुर, 20 सितम्बर। Shardiya Navratri : शारदीय नवरात्रि पर्व एवं आगामी मूर्ति विसर्जन के दौरान जिले में शांति, सुरक्षा एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा ने विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस आदेश में आयोजन समितियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं आम नागरिकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं।

पंडाल व्यवस्था में सख्ती

सड़कों पर पंडाल लगाकर मार्ग अवरुद्ध करने पर रोक लगाई गई है। अस्पताल, विद्यालय, एम्बुलेंस एवं अग्निशमन वाहन की आवाजाही में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। पंडाल लगाने के लिए यातायात, पुलिस एवं नगर निगम से पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने होंगे।

मूर्ति विसर्जन के 12 घंटे के भीतर पंडाल हटाना अनिवार्य किया गया है। डस्टबिन की व्यवस्था, प्लास्टिक का उपयोग न करना और दोना-पत्तल के प्रयोग को अनिवार्य किया गया है। साथ ही, गरबा आयोजन के लिए संबंधित एसडीएम से अनुमति लेना जरूरी होगा।

केवल मिट्टी से बनी मूर्तियों की स्थापना की अनुमति होगी। प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं केमिकल रंग से बनी मूर्तियों की बिक्री और स्थापना पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। मुख्य पंडाल के बाहर अतिरिक्त मूर्ति रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण

ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही अनुमत होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इनका उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि स्तर 45 से 70 डीसीबी तक सीमित रखा गया है और सभी यंत्रों में साउंड लिमिटर अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर उपकरण जप्त कर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। धार्मिक उन्माद फैलाने वाले और अश्लील गीतों पर पूर्ण रोक लगाई गई है।

मूर्ति विसर्जन व्यवस्था

विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल एवं रूट के अनुसार ही किया जाएगा। सड़कों के किनारे मंच निर्माण की अनुमति नहीं होगी। नियमों के उल्लंघन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। बच्चों को विसर्जन स्थलों पर नहीं ले जाने की अपील की गई है। नगर निगम द्वारा क्रेन, गोताखोर, जेसीबी, सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। राज्य विद्युत मंडल को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शांति समिति की बैठकें होंगी

कलेक्टर ने सभी अनुभागीय दण्डाधिकारियों (Shardiya Navratri) को अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित कर एसओपी के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया है।

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