Performance Review : फील्ड वर्क के साथ-साथ मीडिया मैनेजमेंट…सचिव और कलेक्टरों को नया टारगेट…सरकार ने तय किया 100 अंक का सिस्टम…फील्ड वर्क के साथ डिजिटल सक्रियता भी बन गई जरूरी

रायपुर, 03 दिसंबर। Performance Review : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता का आकलन करने के लिए एक नया ‘डिजिटल PR’ मॉडल लागू किया है। अब सचिव और जिला कलेक्टरों की वार्षिक या मासिक परफॉर्मेंस रिव्यू (ACR) में प्रेस रिलीज़, फेसबुक और एक्स (ट्विटर) पोस्ट जैसी गतिविधियों को सीधे अंक दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम योजनाओं और विभागीय कामों की खबर जनता तक तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
नई परफॉर्मेंस लक्ष्य प्रणाली
सरकार के अनुसार, इससे योजनाओं और विभागीय कामों की खबर जनता तक सीधे और प्रभावी तरीके से पहुंचेगी। इस प्रणाली के तहत, प्रमुख सचिवों को साप्ताहिक और जिला कलेक्टरों को मासिक लक्ष्य दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा को सप्ताह में 3 प्रेस रिलीज़, 2 सक्सेस स्टोरी और कुल 14 सोशल मीडिया पोस्ट करना अनिवार्य है। वहीं, बड़े जिलों के कलेक्टरों को मासिक रूप से 150 प्रेस रिलीज़, 30 फेसबुक पोस्ट और 15 एक्स पोस्ट जैसी गतिविधियों का लक्ष्य पूरा करना होगा।
- साप्ताहिक लक्ष्य (उदाहरण: प्रमुख सचिव)
- प्रेस रिलीज़: 3
- सक्सेस स्टोरी: 2
- फेसबुक पोस्ट: 7
- एक्स पोस्ट: 7
- मासिक लक्ष्य (बड़े जिलों के कलेक्टर जैसे रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग)
- प्रेस रिलीज़: 150
- सक्सेस स्टोरी: 15
- राष्ट्रीय खबर: 4
- राज्य स्तरीय फ्रंट पेज खबर: 4
- फेसबुक पोस्ट: 30
- एक्स पोस्ट: 15
- प्रेस कॉन्फ्रेंस: 1
सरकार ने 100 अंकों का मूल्यांकन सिस्टम तय किया है, जिसमें सबसे अधिक अंक (20) ‘भ्रामक खबर का खंडन’ करने पर दिए जाएंगे। अन्य पैरामीटर्स में प्रेस रिलीज़, सक्सेस स्टोरी, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं। प्रशासनिक गलियारों में इस नए आदेश को लेकर चर्चा हो रही है कि अब अफसरों को जमीन पर काम करने के साथ-साथ मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल प्रजेंस पर भी ध्यान देना होगा। हालांकि सरकार का कहना है कि इससे सरकारी कामों में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता तक योजनाओं की जानकारी बेहतर ढंग से पहुंचेगी, वहीं अफसरों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाने की चिंता भी जताई जा रही है।
परफॉर्मेंस अंक प्रणाली (100 अंक का मूल्यांकन)
- प्रेस रिलीज़: 15
- सक्सेस स्टोरी: 15
- राष्ट्रीय मीडिया में खबर: 10
- राज्य स्तरीय फ्रंट पेज खबर: 10
- फेसबुक पोस्ट: 15
- एक्स पोस्ट: 15
- भ्रामक खबरों का खंडन: 20 (सबसे महत्वपूर्ण)
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक खबर का खंडन करना सबसे मूल्यवान कार्य माना जाएगा।
अधिकारियों की चुनौती
इस नए आदेश के बाद अफसरों को अब फील्ड वर्क और जमीन पर काम के साथ-साथ मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल प्रजेंस पर भी ध्यान देना होगा। कुछ प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं की जानकारी जनता तक बेहतर ढंग से पहुंचेगी, जबकि अन्य अफसरों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की चिंता जता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सरकारी कामकाज में नवाचार और डिजिटल संवाद को मजबूती देगा, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अफसर फील्ड कार्य और मीडिया गतिविधियों में संतुलन कैसे बनाए रखेंगे।




