Patwari Suspended : धान खरीदी में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई…! अब 2 पटवारी निलंबित…एक प्रभारी पर FIR के निर्देश

सक्ती, 17 जनवरी। Patwari Suspended : धान खरीदी के दौरान गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के मामले में सक्ती जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर के निर्देश पर दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक धान खरीदी केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति पर निलंबन
तहसील भोथिया के धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी विशेश्वर सिंह सिदार को 16 जनवरी को आयोजित टोकन सत्यापन समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में उल्लेख है कि उनकी अनुपस्थिति और कार्य में लापरवाही से शासन की धान खरीदी योजना प्रभावित हुई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील भोथिया निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत की गई है।

टोकन सत्यापन में अनियमितता, दूसरा पटवारी भी निलंबित
इसी तरह सकर्रा और सोनादुला समितियों के नोडल अधिकारी के रूप में कार्यरत मालखरौदा अनुविभाग के हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया को भी निलंबित किया गया है। उन पर भौतिक सत्यापन में लापरवाही, टोकन सत्यापन में अनियमितता तथा दायित्वों के समुचित निर्वहन में उदासीनता बरतने के आरोप हैं। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील अड़भार रहेगा और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। यह कार्रवाई भी छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के उपनियम 9 के तहत की गई है।

धान खरीदी प्रभारी पर FIR के निर्देश
ग्राम सोनादुला के धान खरीदी केंद्र प्रभारी हेमंत चंद्रा के खिलाफ स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने इस कदम को धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम बताया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
सक्ती जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी और सभी संबंधित अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि शासन की योजनाओं को प्रभावित करने वाली किसी भी उदासीनता पर त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



