छत्तीसगढ

Jamboree Controversy : बृजमोहन अग्रवाल VS गजेंद्र यादव…! हाईकोर्ट में याचिका दायर…अपने ही पार्टी के मंत्री को चेयरमैन बनाए जाने को दी चुनौती…अब मुख्यमंत्री का भी बयान आया सामने…यहां सुनें VIDEO

रायपुर, 08 जनवरी। Jamboree Controversy : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी 2026 तक होने वाले राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस विवाद के केंद्र में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष पद की दावेदारी है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को राज्य परिषद का वैध अध्यक्ष बताया है और आयोजन को स्थगित करने की घोषणा की है।

स्कूल शिक्षा मंत्री को किया अध्यक्ष मनोनीत

विवाद तब शुरू हुआ जब स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को 13 दिसंबर 2025 को राज्य अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया। बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि वे लगातार इस पद पर कार्यरत हैं और छत्तीसगढ़ स्काउट्स एवं गाइड्स के उपनियम 17(1) के अनुसार, पदेन अध्यक्ष को 5 साल तक मान्यता प्राप्त होती है। ऐसे में शिक्षा विभाग का आदेश बिना उनकी सहमति के लागू करना असंवैधानिक है।

बिना सूचना हटाने से नाराज बृजमोहन अग्रवाल

इस मामले को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने अब हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने कहा कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की कोई सूचना नहीं दी गई और न ही किसी सुनवाई का अवसर मिला। उन्होंने 5 जनवरी को जंबूरी की बैठक ली थी और वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते इस आयोजन की जिम्मेदारी ली थी।

बृजमोहन अग्रवाल का दावा है कि 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के कारण जंबूरी को रद्द कर दिया गया है। जंबूरी का आयोजन मूल रूप से नवा रायपुर में होना था, लेकिन इसे बालोद में स्थानांतरित किया गया। दूसरी ओर, स्काउट्स एवं गाइड्स ने कार्यक्रम को जारी रखने की घोषणा की है।

अब अध्यक्ष पद की वैधता और आयोजन के मुद्दे पर हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है। इस केस की निगाहें पूरे राज्य और स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन पर लगी हैं, क्योंकि इससे राष्ट्रीय जंबूरी और पदेन अध्यक्ष की जिम्मेदारी तय होगी।

मुख्यमंत्री का बयान आया सामने

मामले पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भी बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विवाद पर कल प्रेस कॉन्फ्रेंस हो चुकी है और सारी बातें स्पष्ट हो गई हैं। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा सेंट्रल (केंद्र) का विषय है और आगे का कार्यक्रम केंद्र स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस बयान के बाद स्पष्ट हुआ कि जंबूरी आयोजन के संचालन और अध्यक्षता के निर्णय में राज्य से अधिक केंद्र का दखल रहेगा। अब हाईकोर्ट में चल रही याचिका और केंद्र के निर्देशों के बाद ही अंतिम निर्णय की उम्मीद की जा सकती है।

About The Author

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button