Freehold Policy : बिग ब्रेकिंग…! पूर्व सीएस विवेक ढांड की सिविल लाइन जमीन पर राजस्व मंडल का बड़ा आदेश…एक महीने तक रोक…यहां देखें

रायपुर, 21 जनवरी। Freehold Policy : पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड की सिविल लाइन स्थित जमीनों की खरीद-बिक्री को लेकर राजस्व मंडल ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। मंडल ने आदेश दिया है कि इस जमीन और उससे संबंधित अभिलेखों को अगले एक महीने तक यथावत रखा जाए। यह आदेश नारायण लाल शर्मा द्वारा दायर की गई याचिका के आधार पर दिया गया है, जिसमें उन्होंने पूर्व सीएस विवेक ढांड की जमीनों को फ्री होल्ड करने पर आपत्ति जताई थी।
जमीन का आवंटन और आरोप
आवेदक नारायण लाल शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि सिविल लाइन के मुख्य मार्ग पर 1964 में विवेक ढांड के परिवार को 1 लाख 53 हजार वर्ग फीट नजूल भूमि का आवासीय पट्टा दिया गया था। इसके बाद जमीन के एक हिस्से का हस्तांतरण परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर किया गया। आवेदक ने आरोप लगाया कि यह पट्टा गलत तरीके से हासिल किया गया था और इसके व्यावसायिक उपयोग पर आपत्ति जताई है।
फ्री होल्ड पॉलिसी पर आपत्ति
आवेदक ने आगे बताया कि भूपेश बघेल सरकार के समय फ्री होल्ड पॉलिसी के तहत उक्त जमीन का फ्री होल्ड किया गया, जो एक विवादास्पद कदम था। आवेदक ने आरोप लगाया कि यह फ्री होल्ड गलत तरीके से हासिल किया गया था और इस पर गड़बड़ियां की गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने फ्री होल्ड पॉलिसी को निरस्त कर दिया है और इस मामले की जांच चल रही है। साथ ही, उन्हें जानकारी मिली है कि पूर्व सीएस विवेक ढांड अपनी जमीन को बेचने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने रोक लगाने की अपील की थी।
राजस्व मंडल का आदेश
राजस्व मंडल ने मामले पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को सुना और इसके बाद भूमि और उसके अभिलेखों को अगले एक महीने तक यथावत रखने का आदेश पारित किया है। यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक पूरी जांच और सुनवाई पूरी नहीं हो जाती।
यह मामला राजस्व मंडल और राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें जमीन के फ्री होल्डिंग, गलत तरीके से आवंटन और अवैध व्यवसायिक उपयोग के आरोप हैं। एक महीने के लिए जमीन और उसके अभिलेखों पर रोक लगाई गई है, और अब जांच पूरी होने तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी।





