Railway Development : छत्तीसगढ़ में रेलवे का स्वर्णिम युग…! बजट 22 गुना बढ़ा…रेल मंत्रालय ने 61 नए सर्वे और बड़े प्रोजेक्ट्स का किया खुलासा…सिलसिलेवार यहां देखें

रायपुर, 06 दिसंबर। Railway Development : छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा विस्तार दर्ज किया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के लिए रेलवे बजट आवंटन में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है।
वर्ष 2009–2014 के दौरान जहां छत्तीसगढ़ को रेलवे के लिए औसतन ₹311 करोड़ प्रतिवर्ष मिलते थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2025–2026 में यह राशि बढ़कर ₹6,925 करोड़ हो गई है, यानी 22 गुना से अधिक की वृद्धि। सांसद राजीव शुक्ला द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य में चल रही परियोजनाओं की प्रगति, स्थिति और रेलवे विस्तार की विस्तृत रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी।
ट्रैक बिछाने की गति में रिकॉर्ड वृद्धि
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2009–2014 के दौरान छत्तीसगढ़ में केवल 32 किमी नई रेल लाइन बनी थी, यानी सिर्फ 6.4 किमी प्रति वर्ष। लेकिन 2014–2025 के बीच यह गति कई गुना बढ़कर 1,189 किमी तक पहुंच गई। औसत प्रतिवर्ष 108.1 किमी नई लाइन बिछाई गई, जो 15 गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाती है।
26 स्वीकृत परियोजनाएं
1 अप्रैल 2025 तक छत्तीसगढ़ में कुल 26 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें, 6 नई लाइन परियोजनाएं और 20 दोहरीकरण/मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 1,932 किलोमीटर है, और इन पर ₹31,619 करोड़ की लागत स्वीकृत है। अब तक 1,023 किमी कार्य पूरा किया जा चुका है तथा मार्च 2025 तक ₹16,325 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
हाल में पूरी हुई प्रमुख परियोजनाएं
छत्तीसगढ़ में पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण रेलवे लाइन और क्षमता-वृद्धि परियोजनाएं पूरी हुईं, जिनमें शामिल हैं-
- खरसिया–धरमजयगढ़ नई लाइन – 100 किमी
- रायपुर–तिटलागढ़ डबल लाइन – 203 किमी
- सल्का रोड–खोंगसरा डबल लाइन – 26 किमी
- दुर्ग–राजनांदगांव डबल लाइन – 31 किमी
- खोड़री–अनूपपुर डबल लाइन – 72 किमी (बिलासपुर फ्लाईओवर सहित)
- बिलासपुर–उरकुरा तृतीय लाइन – 110 किमी
- चांपा–झारसुगुड़ा तृतीय लाइन – 152 किमी
- पेंड्रा रोड–अनूपपुर तृतीय लाइन – 50 किमी
इन परियोजनाओं से माल ढुलाई क्षमता बढ़ी है और यात्री रेलों की गति व समयबद्धता में सुधार हुआ है।
वर्तमान में जारी प्रमुख कार्य
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कई बड़े रेलमार्ग निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहे हैं-
- डालीराजहरा–रावघाट
- रावघाट–जगदलपुर
- गेवरा रोड–पेंड्रा रोड
- धरमजयगढ़–कोरबा
दोहरीकरण और मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं
- किरंदुल–जगदलपुर
- जगदलपुर–कोरापुट
- झारसुगुड़ा–बिलासपुर चौथी लाइन
- राजनांदगांव–नागपुर तृतीय लाइन
- बोरीडांड़–अंबिकापुर डबल लाइन
- खरसिया–परमलकासा पाँचवीं और छठी लाइन (अत्यंत महत्वपूर्ण माल ढुलाई कॉरिडोर)
5,755 किमी क्षेत्र में सर्वेक्षण
पिछले तीन सालों में, रेलवे ने छत्तीसगढ़ में 26 नई लाइन सर्वे और 35 डबलिंग सर्वे किए हैं, कुल 61 सर्वे किए हैं, जो करीब 5,755 किलोमीटर एरिया को कवर करते हैं। इससे पता चलता है कि आने वाले सालों में राज्य में रेलवे नेटवर्क का विस्तार तेज़ी से होगा।
परियोजनाओं की समयसीमा किन कारकों पर निर्भर?
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे परियोजनाओं के समय पर पूरा होने पर कई कारकों का प्रभाव पड़ता है, जैसे-
- यातायात मांग और आर्थिक व्यवहार्यता
- भूमि अधिग्रहण
- वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां
- स्थलाकृति व भूगोल संबंधी कठिनाइयां
- स्थानीय कानून-व्यवस्था
- मौसम के कारण काम करने योग्य महीनों की संख्या
इन सभी तत्वों के कारण कई परियोजनाओं की लागत और समयसीमा प्रभावित होती है।
छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे का स्वर्णिम दशक
तेज़ बजट वृद्धि, 1,000 किमी से अधिक लाइन का निर्माण, और मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स का विस्तार यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में, राज्य की औद्योगिक क्षमता बढ़ेगी, माल ढुलाई तेज़ होगी, यात्रियों को नई ट्रेनों और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ रेलवे विकास के सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है।




