छत्तीसगढ

Collector Guideline : कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर बड़ा फैसला…! 31 मार्च 2027 तक नहीं बढ़ेंगी दरें…2000 आपत्तियों के बीच सरकार का निर्णय…क्रमवार यहां देखें List

रायपुर, 18 जनवरी। Collector Guideline : छत्तीसगढ़ में कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा कलेक्टर गाइडलाइन में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वर्तमान कलेक्टर गाइडलाइन 31 मार्च 2027 तक यथावत लागू रहेगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश की तहसीलों में जमीन का नया सर्वे नहीं कराया जाएगा। हालांकि, छत्तीसगढ़ में पहली बार डायनामिक कलेक्टर गाइडलाइन सिस्टम लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत अब कलेक्टर गाइडलाइन साल में केवल एक बार नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी भी समय बदली जा सकेगी।

नई गाइडलाइन के खिलाफ मिली 2000 आपत्तियां

नई गाइडलाइन को लेकर प्रदेशभर से करीब 2000 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से अकेले रायपुर जिले में ही 100 से अधिक आपत्तियां दर्ज की गई हैं। सरकार ने इन आपत्तियों के निराकरण के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित करने का निर्णय लिया है, जो सभी बिंदुओं पर अध्ययन कर रिपोर्ट देगी।

राज्य सरकार का उद्देश्य जमीन की सरकारी कीमतों को बाजार भाव के करीब लाना है, ताकि रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बन सकें। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से आवश्यक सुधार किए जाएंगे। फिलहाल आम जनता और निवेशकों को राहत देते हुए यह साफ कर दिया गया है कि आगामी दो वर्षों तक मौजूदा कलेक्टर गाइडलाइन ही प्रभावी रहेगी।

डायनामिक कलेक्टर गाइडलाइन सिस्टम क्या है?

डायनामिक कलेक्टर गाइडलाइन सिस्टम जमीन और संपत्ति की सरकारी कीमत (Collector Rate) तय करने का एक नया और लचीला तरीका है। अभी तक कलेक्टर गाइडलाइन आमतौर पर साल में एक बार बदली जाती थी, लेकिन डायनामिक सिस्टम में यह व्यवस्था बदल जाएगी।

कैसे काम करेगा डायनामिक सिस्टम?

अब कलेक्टर गाइडलाइन तय तारीख पर (Collector Guideline) ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर कभी भी बदली जा सकेगी। जमीन के बाजार भाव, रजिस्ट्री के आंकड़े, विकास कार्य (सड़क, कॉलोनी, इंडस्ट्री) जैसे कारकों को देखकर दरें तय होंगी। किसी इलाके में अचानक कीमत बढ़े या घटे, तो सरकार तुरंत रेट अपडेट कर सकेगी।

अभी के सिस्टम से क्या फर्क है?

पुराना सिस्टम डायनामिक सिस्टम
साल में एक बार दरें तय कभी भी दरों में बदलाव संभव
पूरे साल एक ही रेट बाजार के अनुसार लचीला रेट
कई जगह रेट कम/ज्यादा बाजार भाव के ज्यादा करीब

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

  • रजिस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी
  • सरकारी रेट और बाजार रेट में अंतर कम होगा
  • कहीं ज़्यादा स्टांप ड्यूटी देने की मजबूरी नहीं
  • निवेशकों और बिल्डरों के लिए स्पष्ट नियम

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