Murder Mystery : कांकेर हत्याकांड गुत्थी सुलझी…! मां-पत्नी-बहन-बेटी और ‘विधि से संघर्षरत’ बालक ने मिलकर हथौड़े-लाठी-लात-घूंसों से मार डाला…यहां देखें Video

कांकेर, 09 जनवरी। Murder Mystery : कांकेर जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मर्रामपानी में हुई हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 12 घंटे में सुलझा लिया। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतक के परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
मृतक की पहचान भगवान सिंह पटेल (45 वर्ष) के रूप में हुई है। शुरुआती तौर पर घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की गहन जांच और सख्त पूछताछ के दौरान सच्चाई सामने आ गई।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि भगवान सिंह पटेल शराब के नशे में अक्सर घरवालों से गाली-गलौज और मारपीट करता था। 6 जनवरी की शाम विवाद बढ़ने पर मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि मृतक की मां, पत्नी, बहन, बेटी और एक ‘विधि से संघर्षरत’ बालक ने मिलकर पहले उसे जमीन पर गिराया और फिर हथौड़ा, लकड़ी के डंडे तथा हाथ-मुक्कों से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
घटना में प्रयुक्त हथौड़ा और लकड़ी का डंडा सहित अन्य सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कांकेर के निर्देशन में और नरहरपुर पुलिस की तत्परता से अंजाम दी गई। मामले का खुलासा होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
विधि से संघर्षरत बालक का अर्थ
ऐसा नाबालिग बच्चा, जो किसी आपराधिक मामले में आरोपी हो और जिसका मामला किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत चलता हो। सरल शब्दों में, जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम हो। जो किसी अपराध में संलिप्त पाया जाए। उसे बाल अपराधी/नाबालिग आरोपी नहीं कहा जाता, बल्कि कानूनी और सम्मानजनक भाषा में उसे ‘विधि से संघर्षरत बालक’ कहा जाता है। किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार ऐसे बालकों की पहचान, नाम और विवरण सार्वजनिक करना मना होता है।




