बारहमासी सड़क से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी….

रायपुर: कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम चाऊरडोंगरी, जो कभी दुर्गम पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझता था, अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित पक्की सड़क ने इस गांव के लोगों के जीवन में नई उम्मीद और सुविधाओं एक नया मार्ग तैयार किया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है। करीब 1.74 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क को पहाड़ों की कटिंग कर बनाया गया है, जिससे यह क्षेत्र अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ गया है। पहले इस पहाड़ी गांव तक पहुंचना बेहद कठिन था, विशेषकर बारिश के मौसम में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो जाते थे। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिलना भी मुश्किल था। अब सड़क निर्माण के बाद गांव तक आवागमन सुगम हो गया है और वाहन सीधे पहुंचने लगे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं था, जिससे आवश्यक सामग्री लाने में काफी परेशानी होती थी। अब सड़क बनने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर हुई है और समय पर उपचार संभव हो पाया है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि पहले उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, लेकिन अब शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से तेजी से बदलाव आया है। पक्की सड़क बनने से समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंच रहा है।
कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। चाऊरडोंगरी गांव अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क से यहां के लोगों का जीवन आसान हुआ है और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगी है।



