छत्तीसगढ

Congress Action : विकास तिवारी को लगातार झटके…! पहले वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटाया…फिर 6 साल के लिए निष्कासित…अब सांसद प्रतिनिधि पद भी गया…कांग्रेस का कड़ा संदेश

रायपुर, 12 जनवरी। Congress Action : पूर्व कांग्रेस नेता विकास तिवारी को लगातार झटके पर झटके मिल रहे हैं। झीरम घाटी नक्सल कांड को लेकर पार्टी लाइन से हटकर दिए गए बयानों के बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

यहां बता दें कि, पहले उन्हें वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटाया गया, फिर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया गया और अब एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन के सांसद प्रतिनिधि पद से भी हटा दिया गया है।

बताया जा रहा है कि विकास तिवारी ने झीरम घाटी नक्सल कांड को लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ भाजपा नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। उन्होंने इस संबंध में न्यायिक जांच आयोग को पत्र भी लिखा था। पार्टी नेतृत्व ने इस कदम को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की।

कांग्रेस का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं के नाम इस तरह सार्वजनिक रूप से मीडिया में जोड़कर प्रचारित करना पार्टी की नीति और अनुशासन के खिलाफ है। इसी आधार पर उनके खिलाफ क्रमिक कार्रवाई की गई।

पहले प्रवक्ता पद से हटाया गया

विवादित बयान सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विकास तिवारी को वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटा दिया था। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर उन्हें तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया।

स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर पार्टी ने उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया। अब सांसद प्रतिनिधि पद से हटाए जाने के बाद विकास तिवारी पूरी तरह से पार्टी और संगठनात्मक जिम्मेदारियों से बाहर हो गए हैं।

राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को कांग्रेस द्वारा अनुशासन (Congress takes action) का कड़ा संदेश माना जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी नेता पार्टी लाइन से हटकर बयान देने से बचे।

About The Author

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button