Strict Transfer Policy : छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर नीति पर सख्ती…! 13 जनवरी तक ज्वाइनिंग अनिवार्य…आदेश न मानने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

रायपुर, 08 जनवरी। Strict Transfer Policy : छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने वर्ष 2025–26 की स्थानांतरण नीति के अंतर्गत जारी आदेशों के पालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शासन के संज्ञान में आया है कि कई अधिकारी और कर्मचारी स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद अब तक अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं और पुराने पदस्थापना स्थल पर ही कार्यरत हैं। इससे जिलों और विभागों में संचालित जनहित योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, जिसे शासन ने गंभीरता से लिया है।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों ने स्थानांतरण के बाद भी नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं की है, उन्हें तत्काल पुराने पदस्थापना स्थल से कार्यमुक्त किया जाए। शासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी तरह की ढिलाई या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
13 जनवरी 2026 तक ज्वाइनिंग अनिवार्य
शासन के निर्देशानुसार सभी स्थानांतरित अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से 13 जनवरी 2026 तक अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। तय समय-सीमा के भीतर ज्वाइनिंग नहीं करने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें विभागीय जांच, सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोके जाने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
वेतन आहरण पर भी सख्ती
शासन ने वेतन आहरण को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। जनवरी 2026 का वेतन केवल नवीन पदस्थापना स्थल से ही आहरित किया जाएगा। पुराने पदस्थापना स्थल से वेतन जारी करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई आहरण-संवितरण अधिकारी (DDO) स्थानांतरण के बावजूद पुराने स्थान से वेतन जारी करता है, तो उसके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था और जनहित पर जोर
राज्य शासन का कहना है कि स्थानांतरण आदेशों के समय पर पालन न होने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आती है। खासकर जिलों और मैदानी क्षेत्रों में अधिकारियों की अनुपस्थिति से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी कारण इस बार स्थानांतरण नीति के क्रियान्वयन में सख्ती बरती जा रही है।
जिलों को निगरानी के निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में स्थानांतरण आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और तय समय-सीमा में की गई कार्रवाई की जानकारी GAD को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
शासन के इस सख्त रुख के बाद प्रदेश भर में स्थानांतरित अधिकारी-कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। अब निगाहें 13 जनवरी 2026 पर टिकी हैं, जब तक सभी को नई पदस्थापना पर ज्वाइन करना अनिवार्य होगा।






