CG Forest Department : वन संरक्षण हेतु वन विभाग सजग, वन प्रबंधन समितियों के साथ बैठकों का दौर जारी

रायपुर, 03 जनवरी। CG Forest Department : राज्य में वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए वन विभाग लगातार कार्य कर रहा है। इसके बावजूद कहीं-कहीं वन एवं वन्यजीव अपराध, वनाग्नि तथा वन अतिक्रमण की घटनाएँ सामने आती हैं। इन पर प्रभावी नियंत्रण और वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा वन विभाग के अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें की जा रही हैं तथा आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
वन एवं वन्यजीव अपराधों में कमी लाने जनजागृति अभियान
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार 02 जनवरी को सरगुजा वनमण्डल अंतर्गत लगभग 300 वन प्रबंधन समितियों (जॉइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटी) की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। बैठकों में वन एवं वन्यजीव अपराधों में कमी लाने, वनाग्नि की रोकथाम, वन अतिक्रमण पर नियंत्रण तथा स्थानीय स्तर पर सतत आजीविका के अवसर सृजित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
7 हजार से अधिक वन प्रबंधन समितियाँ कार्यरत
इसी क्रम में कटघोरा वनमण्डल अंतर्गत कोनकोना, बरपाली एवं मड़ई वन प्रबंधन समितियों के साथ भी बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति अध्यक्ष, सदस्य, ग्राम सरपंच एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने वनों में अवैध कटाई, अवैध खनन, अतिक्रमण एवं अवैध शिकार की रोकथाम तथा वनाग्नि से सुरक्षा के लिए सहयोग करने का संकल्प लिया। समिति सदस्यों को वनों की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 7,000 से अधिक वन प्रबंधन समितियाँ कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से सहभागी वन प्रबंधन को मजबूती मिलती है। ये समितियाँ वन विभाग और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करती हैं तथा वनों के संरक्षण, संसाधनों के सतत उपयोग और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे वन प्रबंधन प्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और दीर्घकालिक बन रही है।



