Cheap Land : गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव…! कई प्रावधान किए गए खत्म…मल्टीस्टोरी पर 20% तक छूट…जिला समितियों को 31 दिसंबर तक नया प्रस्ताव भेजने के निर्देश

रायपुर, 08 दिसंबर। Cheap Land : राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू की गई नई गाइडलाइन दरों पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक 7 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ये सभी निर्णय 8 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गए हैं। इन सुधारों को राज्य सरकार ने जनहितैषी और पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय
1. शहरों में इंबिल्ट-अप एरिया पर गणना का प्रावधान समाप्त
नगर निगम क्षेत्र में 50 डिसमिल, नगर पालिका में 37.5 डिसमिल और नगर पंचायत में 25 डिसमिल तक अब पहले की तरह स्लैब दरें ही लागू होंगी। इंबिल्ट एरिया आधारित गणना का प्रावधान खत्म कर दिया गया।
2. मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में दुकान/कार्यालय का मूल्यांकन
अब दुकानों और कार्यालयों का मूल्यांकन केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर होगा। यह प्रावधान मध्य प्रदेश की तर्ज पर लागू किया गया है जिससे वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
3. बहुमंजिला भवनों में फ्लैट्स पर छूट
बेसमेंट व प्रथम तल 10% कमी। दूसरे तल और उससे ऊपर 20% कमी। इससे मध्यम वर्ग को सस्ते दामों पर आवास मिलने की उम्मीद।
4. कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर दूरी वाले भूखंडों पर 25% छूट
कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर भीतर स्थित संपत्तियों का मूल्यांकन 25% कम दर पर होगा।
5. जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश
31 दिसंबर तक सभी समितियां नई गाइडलाइन दरों का पुनर्मूल्यांकन कर संशोधित प्रस्ताव भेजेंगी।
गाइडलाइन दरों में किए गए प्रमुख जनहितैषी सुधार
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के निर्देश पर पंजीयन व्यवस्था को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए-
1. नजूल/आबादी भूमि पर भी कृषि दरें लागू
अब शहरों में नजूल, आबादी और परिवर्तित भूमि पर भी कृषि जमीन की तरह हेक्टेयर दर लागू होगी।
लाभ: रायपुर के वार्ड 28 में 1 एकड़ जमीन का मूल्य 78 करोड़ से घटकर 2.4 करोड़ होगा।
2. ग्रामीण क्षेत्र में परिवर्तित भूमि पर ढाई गुना दर समाप्त
लाभ: बिलासपुर के सुदरन गांव में 1 एकड़ भूमि का मूल्य 4 करोड़ से घटकर 1.60 करोड़।
3. दो फसली जमीन पर 25% अतिरिक्त मूल्य समाप्त
लाभ: मोतीपुर में 1 हेक्टेयर भूमि 3.05 करोड़ से घटकर 2.44 करोड़।
4. ट्यूबवेल, कुआँ, पेड़-पौधों का मूल्य जमीन में जोड़ने का नियम खत्म
अब पेड़ों के कारण जमीन का मूल्य नहीं बढ़ेगा।
लाभ: कांकेर में 600 वृक्षों का 78 लाख अतिरिक्त मूल्य हटने से रजिस्ट्री में लगभग 8.58 लाख की राहत।
5. शहर से लगे गांवों में अब हेक्टेयर दर से मूल्यांकन
लाभ: बरौदा (रायपुर) में 37.5 डिसमिल भूमि का मूल्य 26.75 लाख से घटकर 6.30 लाख।
6. तालाब/मछली टैंक वाली जमीनों पर 1.5 गुना दर का नियम खत्म
7. असिंचित भूमि का मूल्यांकन अब सिंचित दर से 20% कम
8. बाउंड्रीवाल व प्लिंथ लेवल के अतिरिक्त शुल्क समाप्त
9. शहरी क्षेत्रों में 21 प्रकार की दरें घटाकर केवल 2 प्रकार की दरें
अब बाजार मूल्य की गणना बहुत सरल (Cheap Land) हो गई है। बहरहाल, नए प्रावधानों से भूमि खरीदना सस्ता होगा। पंजीयन शुल्क कम लगेगा। पेड़ काटने की प्रवृत्ति रुकेगी। शहरों में ऊंची इमारतों को बढ़ावा मिलेगा। आम जनता के लिए मकान और दुकान खरीदना आसान होगा।




