Rajim Municipality : नगर पंचायत राजिम को मिली नगर पालिका की सौगात…! राजपत्र में अधिसूचना जारी

रायपुर, 25 दिसंबर। Rajim Municipality : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक नगर राजिम को बड़ी प्रशासनिक सौगात देते हुए नगर पंचायत से नगर पालिका का दर्जा दे दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार नगर पालिका की सीमा वही रहेगी, जो अब तक नगर पंचायत की थी। इस निर्णय को राजिम के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
राजिम को नगर पालिका बनाए जाने की मांग स्थानीय नागरिक लंबे समय से कर रहे थे। जनप्रतिनिधियों से लेकर आम लोगों तक ने इस मुद्दे को लगातार उठाया, वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान चलाया गया। सरकार के फैसले के बाद राजिमवासियों में खुशी की लहर है। नगर पालिका बनने से अब शहर को अधिक बजट उपलब्ध होगा, जिससे सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट और अन्य शहरी सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।
विधानसभा से लेकर राजपत्र तक पहुंचा प्रस्ताव
राजिम को नगर पालिका का दर्जा दिए जाने के संकेत पहले ही विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान मिल चुके थे। इसके बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। अधिसूचना जारी होने के बाद 21 दिनों तक दावा-आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी, जिसके पूर्ण होते ही नगर पालिका का संचालन पूरी तरह शुरू हो जाएगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नगर
राजिम छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। महानदी, पैरी और सोंढूर नदी के संगम पर बसे इस नगर को त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है। यहां हर वर्ष राजिम कुंभ का आयोजन होता है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष 2026 में 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजिम कुंभ आयोजित होना प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में नगर पालिका का दर्जा मिलने से व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
विकास, पर्यटन और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
नगर पालिका बनने से राजिम में न केवल आधारभूत ढांचे (Rajim Municipality) का विकास होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार और परिवहन व्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। प्रशासनिक निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी और योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसे राजिम के शहरी भविष्य की मजबूत नींव के रूप में देखा जा रहा है।





